awwal waqt namaz padhna

अव्वल वक़्त नमाज़ पढ़ना

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एक दिन मॉमून के दरबार में इमाम , इमरान साबी नाम के एक व्यक्ती से तौहीद के बारे में गुफ्तुगू कर रहे थे कि नमाज़ का समय हो जाता है | इमाम (अ) बातें रोक कर नमाज़ के लिए जाने लगते हैं | वोह व्यक्ती  कहता है की ए रसूल (स) के बेटे , ज़रा रुक जाएं आपकी बात मेरे दिल में उतर रही है | इमाम (अ) कहते हैं , पहले नमाज़ उसके बाद हम अपनी बात को आगे बढाएंगे | ( तौहीद इ सुदूक , प ४३५ )