Ujrat

उजरत


सवाल : बैंक या किसी इदारा में काम करने वाले के रोजाना के कामो का एक हिस्सा रिबा वाले क़र्ज़ या दुसरे हराम फेल से मरबूत हो जाता हो तो असल काम और उस के लिए उजरत लेना का क्या हुक्म है ?
जवाब : रिबा वाले हराम मुआमलात हराम है और उन की उजरत लेना भी हराम है , और उन मुआमलात की उजरत लेने वाला उस का मालिक नहीं होगा

सवाल : क्या नमाज़ मय्यत और निकाह पढ़ाने की उजरत लेना जाएज़ है ?
जवाब : निकाह पढ़ाने की उजरत लेने में कोई हर्ज नहीं है और नमाज़ मय्यत की उजरत लेना एह्तेयाते वाजिब की बिना पर जाएज़ नहीं है

Source : http://www.sistani.org/urdu/qa/01722/

Marja-e-Taqleed : Ayatollah Sayyid Ali Sistani