Tarbiat

तरबियत

सवाल : किस हद तक अपनी औलाद पर नमाज़ और हिजाब के लिए जब्र किया जा सकता है ?
जवाब : अगर बलिग़ हों तो अम्र बिल मारूफ नहीं अनिल मुनकर क्या जा सकता है और अहतियात वाजिब की बिना पर हाकिम शरा की इजाज़त के बग़ैर उन को मारना पीटना जाएज़  नहीं है | हाँ उन की मदद ( माली और दूसरी ) बंद करने वाले तरीके से फ़ायदा उठा कर उन्हें सुधारा जा सकता है |

सवाल : अगर कोई बाप नमाज़ सुबह के लिए अपने बलिग़ बचों को नींद से इस तरह उठाये के उन की नाराज़गी का सबब हो तो क्या वोह गुनाहगार है ?
जवाब : अगर तरबियत देने का येही तकाज़ा हो और वोह सुस्ती की वजह से न उठते हों तो उन को जगाना ज़रूरी है |

Ayatollah Sayyid Ali Sistani
Ref : http://www.sistani.org/urdu/qa/01756/ ( URDU )